साहिब-दिल्ही आने तक के पैसे नही है

साहिब-दिल्ही आने तक के पैसे नही है कृपया पुरुस्कार डाक से भिजवा दो ।। जिसके नाम के आगे कभी श्री नही लगाया गया, 3 जोड़ी कपड़े ,एक टूटी रबड़ की …

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दीए की लपलपाती लौ

” हेमू तेरे पापा ने अखबार में तेरी शादी का इश्तिहार दिया था ,उनमें से ये पांच लड़कियां चुनी है हमने ,इनका बायोडाटा ,शक्ल ,सूरत और हैसियत तेरे मन मुताबिक …

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